महाराष्ट्र में बारिश की भारी कमी के कारण ओलावृष्टि की संभावना खत्म, किसानों के लिए रबी सीजन में अच्छे संकेत
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के तीन महीने के नवीनतम पूर्वानुमान ने महाराष्ट्र के किसानों और निवासियों को बड़ी राहत दी है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मार्च के बीच राज्य में बारिश की संभावना औसत से काफी कम रहने वाली है। केवल दक्षिण महाराष्ट्र के कुछ चुनिंदा जिलों जैसे लातूर, धाराशिव, नांदेड़, सांगली और कोल्हापुर में मामूली बारिश के संकेत हैं, लेकिन वह भी केवल कुछ मिलीमीटर तक ही सीमित रहेगी। वर्षा की इस भारी कमी के कारण विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि अगले दो से ढाई महीनों तक राज्य में ओलावृष्टि यानी ‘गारपीट’ की कोई संभावना नहीं है।
नवंबर और दिसंबर के महीनों में बारिश न होने और जनवरी में भी सूखे की स्थिति बनी रहने के कारण वातावरण फिलहाल कड़ाके की ठंड के लिए पूरी तरह अनुकूल है। इस साल ‘ला नीना’ (La Niña) प्रभाव सक्रिय होने की वजह से सर्दियों का सीजन उम्मीद से ज्यादा लंबा खिंच सकता है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मार्च के पहले सप्ताह तक उत्तर और मध्य भारत के साथ-साथ महाराष्ट्र के कई हिस्सों में शीतलहर और तीव्र ठंड का असर लगातार महसूस किया जाता रहेगा।















